लेबर पेन से राहत दिलाने वाले व्यायाम
बच्चे के जन्म के समय प्रसव पीड़ा अर्थात लेबर पेन होना तो स्वाभाविक
है। यह सभी गर्भवती स्त्री के लिए कष्टकारक होता है। अपने जीवन में सभी स्त्री
गर्भवती स्त्री को यह लेबर पेन झेलना पड़ता
है। इस पेन से कोई नहीं बच सकता है लेकिन
इस लेबर पेन को एक्सरसाइज के द्वारा कुछ हद तक कम अवश्य किया जा सकता है। इस दर्द की सबसे बड़ी वजह डिलीवरी के
बारे में पूरी जानकारी न होना होती है।
अगर गर्भावस्था के दौरान आहार और भ्रूण के स्वास्थ्य के
साथ-साथ लेबर पेन ( प्रसव पीड़ा) के बारे में सही जानकारी
मिल जाए तो डिलीवरी के समय मन उतना आशंकित नही होता है।
है। इस पेन से कोई नहीं बच सकता है लेकिन
इस लेबर पेन को एक्सरसाइज के द्वारा कुछ हद तक कम अवश्य किया जा सकता है। इस दर्द की सबसे बड़ी वजह डिलीवरी के
बारे में पूरी जानकारी न होना होती है।
वर्कआउट – प्रसव पीड़ा से बचने के लिए गर्भवती स्त्री को कमर और जांघ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम करना चाहिए। इससे भ्रूण
नीचे की ओर जाता है और बर्थ कैनल में उसका सिर फिट हो जाता है जिससे डिलीवरी के समय बच्चे का जन्म आसानी से होता
है।
स्ट्रेथनिंग व्यायाम – गर्भावस्था के समय शरीर के कमर वाले इस हिस्से पर सबसे
ज्यादा दबाव रहता है इसलिए प्री-प्रेगनेंसी में अक्सर स्त्रियों को कमर दर्द की शिकायत होती है। लेबर पेन के दौरान कमर दर्द से बचने के लिए
सबसे पहले सीधे खड़े हो जाइए, उसके बाद दोनों हाथों को ऊपर कीजिए। अब सिर को
नीचे ले जाते हुए कमर ऊपर उठाइए। कुछ समय तक इस स्थिति में रहिए, फिर सामान्य स्थिति में आइए। इस एक्सरसाइज को 10 से 15 बार कीजिए। ऐसा करने से लेबर पेन के दौरान होने वाले कमर
दर्द कम होता है।
क्रैम्पस के लिए - गर्भावस्था में अक्सर स्त्रियों को कमर के साथ-साथ पैरों में भी दर्द
होने की शिकायत रहता है। पैरों के दर्द से बचने के लिए दोनों हाथों से खुद को सहारा देते हुए दीवार की तरफ
मुंह करके खड़े हो जाइए। एक टांग को आगे की तरफ लेकर आइए
और लगभग 90 डिग्री का कोण बनाने की कोशिश करें। इस बीच दूसरी टांग को
खींचिए और दोनों पैरों को जमीन पर सपाट रखिए। एक पैर के साथ इस क्रिया को 10 से 15 सेकेंड कीजिए। उसके बाद दसरे पैर के साथ भी वैसा ही करें।
मसाज के द्वारा - लेबर पेन को कम करने के लिए मसाज बहुत अच्छा तरीका है। इससे दर्द बहुत कम होता है। लेबर पेन
होने के दौरान खुद से या किसी के द्वारा पेट पर हल्के हाथ की मालिस करवाएं। मसाज के द्वारा पेट या उसके आस-पास
होने वाला दर्द कम हो जाता है।
डिलीवरी के दौरान जोश में आकर कोई भी ऐसा व्यायाम ना करें जिससे आपको और भ्रूण को नुकसान हो।
डिलीवरी के दौरान जोश में आकर कोई भी ऐसा व्यायाम ना करें जिससे आपको और भ्रूण को नुकसान हो।
नोट- किसी भी प्रकार का व्यायाम करने से पहले अपने चिकित्सक
से इन व्यायाम के बारे में अच्छी तरह से जानकारी लेने के बाद ही व्यायाम करें।
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