Saturday, 28 March 2015

गर्मियों के मौसम में कैसे रखें अपना ख्याल

गर्मियों के मौसम में कैसे रखें अपना ख्याल


जहां तक संभव हो सके, ताजे भोजन को ही तरजीह दें। ज्ञात रहे इस मौसम में सब्जी, दालें जल्दी खराब हो जाती हैं। अतः ठंडा एवं बासी भोजन आपका स्वास्थ्य खराब कर सकता है।
मौसमी फलों का सेवन अत्यधिक करें। गर्मी में आम, खरबूजा, तरबूज, संतरा, मौसंबी, अंगूर एवं ककड़ी बहुतायत में मिलती हैं। इनसे आपको गर्मी से सुकून तो मिलेगा ही आपको तरोताजा बनाए रखने में भी ये http://www.jkhealthworld.com/main/all-health-tipsमददगार साबित होंगे।
ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी को महत्व न देते हुए नींबू की मीठी शिकंजी, कच्चे आम का पना, मट्ठा (छाछ), गन्ने के रस को प्राथमिकता दें। इससे आपको ऊर्जा तो मिलेगी ही आप शीतलता का अहसास भी करेंगे।
कैरी पने के सेवन से लू से भी बचा जा सकता है। याद रहे, फ्रीज के ठंडे पानी के बजाए मटके का ठंडा पानी ही पिएं।

तुलसी के क्या-क्या होते हैं फायदे जानिए इस पोस्ट में

तुलसी के फायदे


तुलसी में अनेक औषधीय गुण होते हैं जो हृदय रोग और सर्दी जुकाम में लाभकार होता है।
1- सर्दी जुकाम में लाभप्रद
सर्दी जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से राहत मिलती है। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है।
2- कफ
करीब सभी कफ सीरप को बनाने में तुलसी का प्रयोग किया जाता है। तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। इसके के कोमल पत्तों को चबाने से खांसी और नजले से राहत मिलती है।
3- गले की खराश
चाय की पत्तियों को उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है। इस पानी को आप गरारा करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
http://www.jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%B8%E0%A5%804- श्वास की समस्या
श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी विशेष उपयोगी होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है।
5- गुर्दे की पथरी
तुलसी गुर्दे को मजबूत बनाती है। यदि किसी के गुर्दे में पथरी हो गई हो तो उसे शहद में मिलाकर तुलसी के अर्क का नियमित सेवन करना चाहिए। छह महीने में फर्क दिखेगा।
6- हृदय रोग
तुलसी खून में कोलेस्ट्राल के स्तर को घटाती है। ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह खासी कारगर साबित होती है।
7- बच्चों के लिए रामबाण
बच्चों में बुखार, खांसी और उल्टी जैसी सामान्य समस्याओं में तुलसी बहुत फायदेमंद है।
8- तनाव
तुलसी की पत्तियों में तनाव रोधीगुण भी पाए जाते हैं। हाल में हुए शोधों से पता चला है कि तुलसी तनाव से बचाती है। तनाव को खुद से दूर रखने के लिए कोई भी व्यक्ति तुलसी के 12 पत्तों का रोज दो बार सेवन कर सकता है।
9- मुंह का संक्रमण
अल्सर और मुंह के अन्य संक्रमण में तुलसी की पत्तियां फायदेमंद साबित होती हैं। रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है।
10- त्वचा रोग
दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है। नैचुरोपैथों द्वारा  ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया है।
11- सांसों की दुर्गध
तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से सांसों की दुर्गध चली जाती है। पायरिया जैसी समस्या में भी यह खासा कारगर साबित होती है।
12- सिर का दर्द
सिर के दर्द में तुलसी एक बढि़या दवा के तौर पर काम करती है। तुलसी का काढ़ा पीने से सिर के दर्द में आराम मिलता है।
13- आंखों की समस्या    
आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत कारगर साबित होता है। रात में रोजाना श्यामा तुलसी के अर्क को दो बूंद आंखों में डालना चाहिए।

Friday, 27 March 2015

गर्मी के मौसम के लिए बेहद फायदेमंद है ये पेय पदार्थ

गर्मी के मौसम के लिए बेहद फायदेमंद है ये पे पदार्थ 

गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में हमें ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थो का सेवन करना चाहिए क्योंकि गर्मी के दिनों में पसीने के साथ साथ शरीर से जरूरी मिनरल और साल्ट भी निकल जाते हैं। डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) न हो, इस लिए डाक्टर ज्यादा से ज्यादा पानी और पेय पदार्थ लेने की सलाह देते हैं।  इन गर्मियों में आप और आपका परिवार इन समस्याओं से ग्रस्त न हो इसलिए हम आप को बताने जा रहे हैं उन पेय पदर्थों के बारे में जो आप को गर्मी में भी स्वस्थ और कुल बनाए रखने में मदत करे।
गर्मी को दूर भगाने के लिए आप ठंडाई पी सकते हैं। भरी धूप में चलकर आने वाले मेहमानों का स्वागत भी चाय से न करके ठंडाई से करें, तो क्या कहने! इन दिनों बाजार में बने बनाए फ्लेवरों में ठंडाई उपलब्ध है। बस, जरूरत है दूध और शक्कर की। गिलास भर दूध में मिलाएं दो चम्मच ठंडाई और दो चम्मच चीनी। फिर मस्त हो पीएं और पिलाएं।
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फलों का राजा आम गर्मियों में ही होता है। दूध के साथ इसे मिक्सी में मेश करें। ऊपर से स्वादानुसार चीनी या शहद डाल लें। बस बन गया मैंगो शेक! गर्मियों में रोजाना इसका सेवन करें।
नींबू पानी भारत का पारंपरिक पेय पदार्थ है। गर्मी के दिनों में सुबह उठते ही नींबू पानी का सेवन करें। इसे बनाने के लिए एक ग्लास पानी में एक नींबू, चीनी (स्वादानुसार) और काला नमक मिला लें। इसे रोज पीने से लू नहीं लगती।
4- मसाला छाछ
गर्मियों में छाछ का सेवन खाने के साथ नियमित रूप से करें। यह भोजन को पचाने में मदद करता है।
5- आम का पना
इसे कच्चे आम को मेश कर पानी में मिलाकर बनाया जाता है। इसमें आप   स्वादानुसार भुना जीरा, काली मिर्च, काला नमक (पसंद हो तो) और चीनी मिला सकते हैं। गर्मी में यह किसी रामबाण से कम नहीं। इसे पीने से लू नहीं लगती। इसलिए धूप में निकलने से पहले इसे जरूर पीएं।
6- पानी वाले फल, सब्जियां 
गर्मी के दिनों में ऐसे ढेर सारे फल और सब्जियां बाजार में उपलब्ध होते हैं जिनमें प्रचुर मात्रा में पानी होता है। इनमें तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी, संतरा आदि प्रमुख हैं। गर्मियों में इनका जमकर सेवन जरूर करें।
7- लस्सी
दही को खूब फेंटकर और चीनी मिलाकर बनाई जाती है। बेहतर होगा यदि आप चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करें। गर्मी के दिनों में रोजाना इसका सेवन करें।
8- सत्तू
गर्मी के दिनों में नाश्ते में सत्तू बेहद लाभकारी है। इसे 'स्टमक कूलेंट' भी कहते हैं। वजह है कि यह पेट की गर्मी को शांत करता है। यूं तो बाजार में बने बनाए पैकेटों में सत्तू उपलब्ध होता है। लेकिन आप इसे खुद भी बना सकते हैं। इसके लिए जौ, चना और गेहूं को बराबर मात्रा में पिसवा लें। इसे पानी में मिलाकर पीएं। स्वाद के लिए आप इसमें नमक या शक्कर का इस्तेमाल कर सकते हैं

पानी की शुद्धता कैसे जाने

पानी की शुद्धता कैसे जाने

रंगहीन, गंधहीन और स्वापदहीन पानी शरीर के लिए बहुत जरूरी है। हमारे शरीर के प्रत्येपक अंग में पानी ही पानी है, हड्डियों में भी। बिना खाये आप 18 दिन तक जी सकते हैं, लेकिन पानी के बिना आप सात दिन से अधिक नहीं जी सकते हैं। यानी पानी के बिना जीवन की कल्परना करना अतिशयोक्ति होगी। यह शरीर को बीमारियों से बचाता है और इसे स्वास्थ् रखने में भी मदद करता है।
चिकित्साक नियमित रूप से 10-12 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। पानी पीने के साथ सबसे अधिक जरूरी है स्वरच्छू और शुद्ध पानी पीना। झरने से निकलते हुए पानी को सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है। आरओ या यूवी का पानी साफ माना जाता है लेकिन यह स्वा स्यन  के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।
कंज्यूमर एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर ने आरओ और पानी को शुद्ध करने वाले विभिन्न उपकरणों की जांच की है। इस दौरान देश के विभिन्न शहरों में आरओ का प्रयोग करने वाले और न करने वाले घरों में बीमार पड़ने वालों का अनुपात 50:50 देखा गया। पानी को शुद्ध करने वाले उपकरणों में खास तरह की मेंब्रेन काम करती है, जो बुरे के साथ-साथ अच्छे जीवाणुओं को भी अवशोषित कर लेती है। इससे पानी में पाए जाने वाले मिनरल, शरीर में नहीं पहुंच पाते। यही जीवाणु हमें पेट संबंधी बीमारियों से बचाते हैं।
शुद्धता की पहचान
दरअसल अलग-अगल जगहों का पानी का टीडीएस (टोटल डिजाल्व सॉलिड) स्तर अलग-अगल होता है। इसके मानक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तैयार किए हैं। उसने 100 से 150 स्तर के टीडीएस को ठीक बताया है। इसलिए अगर आप अपने घर में आरओ (रिवर्स ऑसमोसिस) या यूवी सिस्टम लगवा रहे हैं तो म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से पानी की जांच करा लीजिए। अगर टीडीएस सामान्य से अधिक हो, तभी आरओ या यूवी लगवाना चाहिए।
बोतलबंद पानी भी नहीं है शुद्ध
अगर आपको लगता है कि आप जो मिनरल वॉटर या सप्लाभई किये हुए पानी को पी रहे हैं और वह पूरी तरह से शुद्ध है तो आप गलत हैं, इसमें भी शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले जीवाणु गायर्डिया (Giardia) पाया जाता है। दरअसल पानी को साफ करने वाली कंपनियां नदियों, नालों, भूमिगत स्रोतों, आदि जगह से पानी लेकर उसे साफ करने के लिए उसमें कोएगुलेंट (coagulants) केमिकल डालती हैं। यह केमिकल पानी में मौजूद गंदी को पानी के तल पर पहुंचा देता है।
भारत की स्थि‍ति है खराब
शुद्ध और पर्याप्त पानी स्वस्थ जीवन की एक प्रमुख जरूरत है। आंकड़ों की मानें तो भारत में केवल 30 प्रतिशत लोगों को ही साफ पीने का पानी मिलता है और वो भी पूरी तरह से शुद्ध नहीं होता है। देश के कई हिस्सों में जमीन में पानी का स्तर कम हो जाने के कारण पानी की कमी है। उद्योंगों के कचरे के कारण पानी के बहुत से स्रोत प्रदूषित हो रहे है। बहुत सी नदियां गंदी नालियां बन चुकी हैं, और पानी के अन्य स्रोत पूरी तरह प्रदूषित हो चुके हैं।
अशुद्ध पानी से होती हैं बीमारियां
आप जो पानी पी रहे हैं वह कीटाणुरहित होन चाहिए। साथ ही उसमें नुकसान पहुंचाने वाले रसायन, गन्ध और स्वाद भी नहीं होना चाहिए। असुरक्षित और अपर्याप्त पीने का पानी कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है। बारिश के दिनों में पीने का पानी साफ नहीं रहता है, इस मौसम में पानी का विशेष ध्याान रखें। साफ पानी न पीने से हैजा, उल्टी (गेस्ट्रोएन्ट्राइटिस), टायफाएड, पोलियो, पीलिया, दस्त, त्वफचा में संक्रमण हो सकता है। क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी बैक्टीवरिया भी अवशेषित हो जाते हैं। इस लेख में विस्तांर से जानिये आप जो पानी पी रहे हैं वह शुद्ध है या नहीं।  क्या  आरओ है फायदेमंद

Tuesday, 24 March 2015

दही और कबाब



कबाब के विभिन्न संस्करण आसानी से पाये जा सकते हैं और हर एक संस्करण दूसरे की तुलना में अलग है। इस नये स्वाद को सर्दियों में अनुभव करें और मौसम का मज़ा लें  ।
मुख्य सामग्री
http://www.jkhealthworld.com/main/health-tips4 ग्राम सफेद मिर्च पावडर,1 बड़ा चम्मच रिफाइन्ड तेल का, 4 ग्राम इलायची पावडर, 30 ग्राम काजू पिसा हुआ, 1 दही जिससे पूरी तरह पानी निखरा हो, 2 बड़ा प्याज़ बारीक कटा हुआ,10 ग्राम मक्के का आटा,100 ग्राम कम वसा वाला पनीर, स्वादानुसार नमक, 10 ग्राम धनिया की पत्तियां कटी हुई  ।
प्याज़ और अदरक को रिफाइन्ड तेल में डालें और तब तक भुनें जबतक कि यह थोड़ा भूरा ना हो जाये फिर बची हुई सभी सामग्री को इसमें डाल लें ।जब यह थोड़ा कड़ा हो जाये तो इसे सिक्के की तरह बना लें और आकार बड़ा रखें जिसे कि हम टिक्की कहते हैं । इनपर मक्के के आटे को डाल दें और इन्हें तेल में तलें और फिर इसे नीबू पानी और सलाद के साथ परोसें ।
न्यूट्री चेक
दही और खमीर से पाचन तंत्र ठीक रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है ।