Saturday, 14 March 2015

10 Tips for Amazing Wedding Night Sex


1 - सुहागरात में शारीरिक संबंध बनाने से पहले ROMANTIC माहौल बनाइए। अपने कमरे में विशेष प्रकार के रंग और खुशबू का प्रयोग कीजिए। ये SEX हार्मोन को उकसाते हैं। इसके लिए अरोमा कैंडल जलाइए, हल्का संगीत बजाइए, हल्की रोशनी रखिए।
2 - SEX क्रिया करने के लिए जल्दबाजी न करें। इससे पहले एक-दूसरे को समझने की कोशिश कीजिए। ऐसा करने से दोनों के एक-दूसरे के करीब आएंगे और SEX करने में ज्यादा झिझक नही होगी।
3 - SEXUAL होने से पहले अपने साथी से अच्छी तरह बात कीजिए। अपनी सारी शंकाओं का समाधान बातचीत के जरिए पहले निकाल लीजिए नहीं तो SEX के दौरान मन में झुंझलाहट बनी रहेगी।
http://www.jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4
4 - SEX करने से पहले PARTNER को सरप्राइज करने की कोशिश कीजिए। इसके लिए आप उसे कोई गिफ्ट दीजिए, हनीमून पैकेज या ज्वैलरी देकर आप अपने PARTNER को खुश कर सकते हैं।
5 - सुहागरात में SEX से पहले FOREPLAY  बहुत जरूरी है। FOREPLAY  करने से SEX करने का आनंद बढ़ जाता है। इसके लिए उसे किस कीजिए। उसके खास अंगों पर आपकी प्यार भरी छुअन SEX हार्मोन उत्तेजित करने में मदद करेंगे।
6 - SEXUAL फैंटेसीज का भी सहारा ले सकते हैं। सुहागरात में PARTNER से सेक्सी बातें करें, इससे दोनों उत्तेजित होंगे और SEX की इच्छा बढ़ेगी। वात्स्यायन द्वारा रचित कामसूत्र के बारे में बात कर सकते हैं।
7 - सुहागरात में एल्कोहल और सिगरेट बिलकुल न पियें। क्योंकि SEX से तुरंत पहले ज्यादा एल्कोहल लेने से पुरुषों में इरेक्टाइल प्रॉब्लम्स और स्त्रियों में वजाइनल ड्राइनेस की समस्या हो सकती हैं। इससे SEX के दौरान समस्या हो सकती है।
8 - सुहागरात में भी SEX करने से पहले सुरक्षा का ध्यान दीजिए। इसके लिए कंडोम का प्रयोग करें। इससे यौन बीमारियों के होने का खतरा कम होता है और बिना प्लानिंग के प्रेग्नेंसी का डर भी नही होता है।
9 - मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक तौर पर फिट रहें। अंतरंग पलों से पहले अपने साथी की पसंदीदा ड्रेस पहनें। इससे SEX क्रिया रोमांचक बनेगी।
10 - किसी भी प्रकार का प्रयोग करने से बचें। सुहागरात में SEX संबंध बनाते वक्त ऐसे आसनों को अपनायें जो आसान हों और जिनको करने में कोई दिक्कत न हो।

8 tips that makes your life romantic always


सेक्सुअल रिलेशनशिप मन और शरीर से जुडा हुआ एक खूबसूरत एहसास है और इसमें मन-शरीर दोनों का कंफर्ट लेवल काफी मायने रखता है। यदि रोमांस करते समय आप तनावग्रस्त या उदासी महसूस करती हैं, चाहे वो आपके फिगर को लकर ही क्यों न हो, ते इससे सेक्सुअल रिलेशन व उससे जुडी आनंद की अनुभूति भी प्रभावित होती है। आज के आधुनिकता इस दौर में हर कोई एक दूसरे से आगे निकालने की होड में है और अपने आंतरिक रिश्तों की अहमियत कोभूलते जा रहे हैं इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड रहा है हमारे सेक्स जीवन पर। अब तो सेक्स क्रिया को पति पत्नी बोरियत समझने लगे हैं इन नुसखों को अपनाएं जो आपकी सेक्स लाइफ को पूरे रोमांस से भर देंगे।
jkhealthworld.com/hindi/सेक्स-थैरेपीबेहतर सेक्सुअल लाइफ के लिए जरूरी है कि तन के साथ-साथ आप मन से भी स्वस्थ और खुश रहें, इससे न केवल सेक्स के प्रति आपकी चाह बढेगी, बल्कि आपका सेक्सुअल रिलेशन भी आनंददायक होगा। इस बात को समझें कि सेक्स एकतरफा नहीं, बल्कि प्यार पाने और देने यानी दोनों ओर के आपसी लगाव से जुडा हुआ है।
पोजीशन वगैरह चेंज करके भी सेक्स से अच्छा आनंद मिल सकता है। इस बारे में भी दोनों खुलकर बात करें। सेक्स दोनों को शारीरिक ही नही मानसिक रूप से भी करीब लाता है। इस जुडाव से दांपत्य जीवन मजबूत होता है। रतिक्रिया सेक्स को कभी भी काम की तरह या खाना खाने की भांति न निपटाएं। भूख लगी है तो खाना खाना ही है। काम की तरह निपटाने से जल्द ही इससे ऊब जाएंगे।
बच्चों के जन्म के बाद पत्नी को सेक्स में पहले जैसी रूचि नहीं रह जाती। जबकि अध्ययन तो बताते हैं कि बच्चों के जन्म के बाद क्लाइमेक्स चरमोत्कर्ष की तीव्रता बढ जाती है। निम्न बातों पर गौर करें तो पाएंगे कि अध्ययन ही सही हैं। हम आपको बता रहे छोटेछोटे मंत्र जिनको आजमाकर आपका सेक्स जीवन लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है और शादी के कई वषों� बाद भी इसका आनंद उठाते रहेंगे।
नहाते समय करें रोमांस सप्ताह में कितनी बार सेक्स किया आदि बातों पर ध्यान न देते हुए यह ध्यान रखें जब भी करें इसे पूरी तरह से एंज्वॉय करें तो आप पाएंगे कि इसमें संख्या का विशेष महत्व नहीं है। सप्ताह में 4 बार से ज्यादा मजा आपको 2 बार में भी आ सकता है। यदि पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं। समयाभाव और थकान के कारण सेक्स लाइफ खत्म जैसी हो जाती है। ऎसे में बेहतर होता है कि सुबह उठकर फ्रेश मूड में सेक्स का आनंद उठाएं। या मौका मिलने पर साथ नहाने भी जा सकते हैं।
jkhealthworld.com/hindi/सेक्स-थैरेपीबेहतर सेक्स के लिए तनावमुक्त होना बहुत जरूरी है। इससे आप बहुत आरामदायक फील करेंगे। कम से कम इस समय अपनी सारी चिंताओं, समस्याओं को एक तरफ रख दें। सभी कुछ भूलकर बस एक-दूसरे में खो जाएं। तनाव के समाधान के लिए आपके पास इसके अतिरिक्त भी ढेर सा समय है। सावधानी रखने वाली सबसे जरूरी बात कि किसी भी हालत में नशे का सहारा न लें। सिगरेट या शराब में अपने को डुबोते हैं तो मान कर चलें आप अपना और नुकसान ही कर रहे हैं। नशे की लत से आपको इन समस्याओं से छुटकारा तो नहीं मिलेगा उलट ये बढ जाएंगी।
बाजार में आ रही सेक्स दवाओं आदि का अंधभक्त होकर उपयोग न करें। विज्ञापन आदि से भ्रमित होकर ऎसा लग सकता है कि इनके बिना कुछ कमी सी है, लेकिन प्राकृतिक रूप से भी आप इसका आनंद उठा सकते हैं। मैगजीन्स आदि में प्रकाशित सेक्स से संबंधित आर्टिकल्स या इमेजेस, सीडी आदि का सहारा ले सकते हैं।
सेक्स में आप क्या चाहती हैं, आपको क्या अच्छा लगता है, इस बारे में जीवनसाथी से खुलकर बात करें। एक-दूसरे के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं। टहलने के लिए हो सके तो प्रतिदिन आसपास ही कहीं जाएं या टेरेस पर चहलकदमी करें। साल या डेढ साल में शहर से बाहर घूमने जरूर जाएं। यह ब्रेक आपको तरोताजा रखता है। यह आम समस्या है कि आदमी कहता रहता है समय नहीं है, लेकिन इन चीजों के लिए यदि समय नहीं निकालेंगे तो जीवन का नीरस लगना स्वाभाविक है।
शरीर का बेडौल होना या शेप में न होना कई बार महिलाओं में हीनता की भावना भर देता है। याद रखें शादी और बच्चों के बाद अब आप इस स्तर पर आ गए हैं जहां शायद इन चीजों का इतना महत्व नहीं रह जाता। ईश्वर द्वारा बनाए गए इस अनमोल शरीर में रंग, रूप, आकार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि आप संतुलित खानपान और व्यायाम का बिल्कुल भी ध्यान न रखें।

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Friday, 13 March 2015

बर्थ कंट्रोल से संबन्धित 6 सामान्य गलतियां



परिवार नियोजन में बर्थ कंट्रोल अर्थाता प्रेग्नेंट ना होने का बहुत महत्व है। बहुत से कपल्स गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने के बाद भी अनियोजित प्रेग्नेंसी से परेशान रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप पूरी तरह गर्भनिरोधक के भरोसे न रहें। पति पत्नी बर्थ कंट्रोल में कई सामान्य गलतियां करते हैं। आपको जाना चाहिए कि कौनसा बर्थ कंट्रोल का तरीका कितना कारगर है। हम आपको यहां कुछ बर्थ कंट्रोल से संबन्धित गलतियाँ बता रहे हैं
http://jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BEइलाज रिफ़ंपिन एक एंटीबायोटिक है जो कि गर्भनिरोधक गोलियों के हार्मोनल गर्भनिरोध (गर्भ निरोध प्रभाव), पैच और वर्जिनल रिंग को कमजोर कर सकती है। इस बारे में डॉक्टर से सलाह लें कि कौनसा उपाय आपके लिए सही है। यीस्ट इन्फ़ैकशन या एचआईवी की दवाइयाँ यदि चल रही हैं तो भी गर्भनिरोधक का प्रभाव कम हो जाता है।
गलत लुब्रीकेंट तेल या वेसिलीन के इस्तेमाल से लेटेक्स कोंडोम्स कमजोर हो जाते हैं इस गलती का शिकार बहुत से पति पत्नी होते हैं। सिलिकॉन वाले लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करें जो कि दवाइयों की दुकानों और सुपर मार्केट्स में आसानी से उपलब्ध हैं। एक अच्छा अध्ययन और खोज इसमें आपकी मदद कर सकती है।
समय से गोली नहीं लेना यह गलती होती है जब आपको पता नहीं होता कि गोली कब और कैसे लेनी है। सच्चाई यह है कि पूरे पैक में से यदि आपने एक या दो गोली नहीं ली तो भी यह असरकारक नहीं होती हैं, इस बारे में आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकती हैं। ये हार्मोन टेबलेट्स हैं जिन्हें रोजाना एक ही समय पर लिया जाना चाहिए।
आसान उपाय पर ज्यादा ज़ोर देना आपको इसके बजाय सभी तरीकों पर विचार करना चाहिए। कई बार ऐसा भी होता है कि आपको पता ही नहीं होता कि आपने गोली कब ली थी। बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा रिंगस, स्पंज, पैच, डाइअफ्रैम और भी कई चीजें हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्तनपान से संबंधिक गलत धारणा बहुत से पति पत्नी को बच्चे के स्तनपान के दिनों में दूसरी प्रेग्नेंसी का सामना करना पड़ता है। यह आशा ना करें कि स्तनपान के दिनों में आप इससे पूरी तरह सुरक्षित हैं। पहली प्रेग्नेंसी के बाद आप दूसरी बार कब गर्भवती हो जाएंगी और आपको पता भी नहीं चलेगा, इसलिए सावधानी रखें।
सुरक्षित दिन निःसन्देह सेफ डेज सबसे सुरक्षित तरीका है, लेकिन पूरी तरह नहीं। यह तभी कारगर है जब आप सही तकनीक इस्तेमाल करें। ऐसा भी हो सकता है कि ओव्यूलेशन उस दिन नहीं हो जब आप सोचती हैं, यह खास तौर पर उनके साथ होता है जिनमें ओव्यूलेशन की समस्या रहती है।

क्या प्यार का मतलब सेक्स है

क्या प्यार का मतलब सेक्स है

अक्सर युवाओं में प्यार और सेक्स को लेकर अलग-अलग बाते कही जाती है। ऐसे में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो प्यार और सेक्स को एक ही मानता है तो कुछ ऐसे जो सेक्स का मतलब प्यार मानता है। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग है जो प्यार में सेक्स और सेक्स से पहले प्यार को http://jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BEजरूरी मानता है। प्यार और सेक्स इन दोनों शब्दों के अर्थों में कोई विषेश अंतर नहीं है। प्यार और सेक्स को लेकर हर वर्ग की अपनी-अपनी राय है। आइए हम पोस्ट के द्वारा जाने प्यार का मतलब सेक्स है या कुछ और।
  • प्यार और सेक्स एक ऐसा विषय हैं, जिस पर हर कोई बात करना न तो अच्छा मानता है न ही जरूरी।
  • कुछ लोगों को मानना है कि पहली बार सेक्स करने के लिए या पहली बार सेक्स का अनुभव प्राप्त करने के लिए जरूरी नहीं कि प्यार के चक्कर में पड़ा जाए।
  • एक वर्ग में कुछ लोग ऐसे हैं, जो ये मानते है कि यदि वह किसी से प्यार नहीं करता तो उसके साथ सेक्स संबंध कैसे स्थापित कर सकता है। यानी रिश्ते के साथ-साथ सेक्स होना भी कोई बुराई नहीं।
  • कुछ वर्ग में लोग ऐसे भी है, जो संभोग का मतलब सिर्फ सेक्स मानते हैं यानी उन्हें प्या‍र से मतलब नहीं बल्कि देह से मतलब है और अपनी शारीरिक भूख शांत करने से।
  • कुछ एक वर्ग ऐसे है जिसे संवेदनशील या भावनात्मीक लोगों में जोड़ा जा सकता है, उनका मानना है कि जब तक किसी से प्यार न हो दैहिक रूप से जुड़ना संभव नहीं। वहीं यही वर्ग ये भी मानता है कि यदि वह किसी से दैहिक रूप जुड़ गये हैं तो उसमें प्यार की भावना होना बेहद जरूरी है। साथ ही अगर भावनात्मक जुड़ाव है, तो इस स्थिति में रूप से आप जुड़ गए तो शारीरिक रूप से जुड़ना भी जरूरी नहीं।
  • http://jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BEइन सबके बावजूद ये समझना भी जरूरी है कि क्या प्यार का मतलब सेक्स है? क्या सेक्स का मतलब प्यार है? क्या प्यार के दौरान सेक्स कुछ होता है?
  • अक्सर कहा जाता है कि जहां दो प्रेमी एक-दूसरे से भावनात्मेक रूप से जुड़ गए हैं उनके लिए शारीरिक रूप से जुड़ना मात्र एक औपचारिकता रह जाती है। लेकिन ठीक इसके विपरीत ये भी माना जाता है कि सेक्स प्यार को बढ़ाने और करीब लाने में मदद करता है।
  • ये सिर्फ एक बहस का मुद्दा भर है कि क्या प्यार सेक्स को बढ़ाता है या फिर सेक्स प्यार को बढ़ाने में सहायक है।
  • कुछ लोग प्यार और सेक्स दोनों को बिल्कु्ल अलग-अलग मानते हुए प्यार को जहां एक प्यारा या मधुर अनुभव मानते हैं वहीं सेक्स को शारीरिक जरूरत मानते हैं।
शोधोंकर्ता के अनुसार अगर आपके सेक्सिशुअल रिलेशन अच्छे हैं, तो आपका पार्टनर आपके करीब रहेगा। वहीं सेक्सशुअल रिलेशन अच्छे नहीं होने पर नौबत तलाक तक पहुंच सकती है। यह शोध साबित करता है कि प्यार और सेक्स एक-दूसरे के पूरक है। प्यार के बिना सेक्स संभंव नहीं और सेक्स के बिना प्यार अधूरा है।

27th week of pregnancy baby movement


27वें सप्ताह के साथ स्त्री गर्भावस्था की तीसरी और अंतिम तिमाही में प्रवेश कर जाती है। गर्भावस्था के इस समय में आप शिशु के जन्म  से पूर्व जानकारी देने वाली कक्षाओं में जा सकती है।
यदि गर्भावस्था के दौरान आप अभी तक संतुलित आहार नहीं लिया है, तो अब भी आप संतुलित आहार लेना शुरू कर सकती हैं ताकि आप बच्चे को ज्यानदा से ज्यादा पोषण मिल सकें। केवल कैलोरी ही गर्भस्थु शिशु को स्वस्थ नहीं रख सकती। जो आहार आप ले रही हैं, उससे ही बच्चेा का विकास होता है। इसलिए जरूरी है कि गर्भावस्था के इस सप्ताह में भी संतुलित आहार लें। फल और सब्जियों का अधिक सेवन करें व तले हुए भोजन से परहेज करें।
http://www.jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B827वें हप्ते में शिशु का विकास
गर्भावस्था के 27वें हफ्ते में बच्चे की लंबाई 14 से साढ़े चौदह इंच के करीब और वजन 2 पाउंड के लगभग हो जाता है। इसके बाद शिशु का वजन तेजी से बढ़ता है। अंतिम हफ्तों में तो प्रति सप्तावह आधा पाउंड तक वजन बढ़ सकता है। गर्भस्थे शिश की त्वचा झुर्रियों वाली होती है, क्योंकि वह पिछले पांच महीनों से पानी से घिरा होता है। बच्चे की त्वचा पैदा होने के बाद भी कुछ हफ्तों तक झुर्रियों वाली दिख सकती है। त्वचा का बाहर खिंचाव होगा और चिकनी दिखगी।
बच्चे कि रेटिना का अच्छी गति से विकास हो रहा होता है, वे जल्द ही बच्चे को प्रकाश छवियों को समायोजित करने में मदद करने के लिए सक्षम हो जाएंगी। इन परतों को मस्तिष्क को प्रकाश और कुछ छवियों को प्राप्तव करने के साथ ही मस्तिष्क को वो क्या देख रहे है इसकी सूचना प्रसारित करने में मदद करने के रूप में अच्छी तरह सक्षम माना जाता है। बच्चे की आंखों को ढकने वाली झिल्ली अलग होना शुरू हो जाएगी। कुछ हफ्तों में बच्चा आंखें खोलनें में सक्षम हो जाएगा।
अधिकांश बच्चो की जन्म के समय आंखें नीली होती हैं। अगर आंखों का रंग जन्म के बाद बदलने वाला है, तो यह जन्म के कुछ ही हफ्तो पहले शुरु हो जाएगा। गर्भावस्था में इस सप्ता ह में बच्चा सोने का और जागने का एक समय बना लेता है। आपको जल्द ही इसका अहसास भी हो जाएगा। यदि आपके सोने का समय शिशु के सोने के समय से विपरीत हैं तो इसको मिलाने की कोशिश करें। जब गर्भ में पल रहा शिशु सो रहा है, आप भी http://www.jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8उसी समय सोने की कोशिश करें।
कई बार आप सोने की कोशिश करती हैं, लेकिन उस समय आपको शिशु की लात महसूस होगी। कहा जाता है कि बच्चा गर्भ से ही सपना देखना शुरू करता है। मस्तिष्क अभी भी सक्रिय है और मस्तिष्क की सतह की झुर्रियां प्रदर्शित होना शुरु होंगी, क्योंशकि अब मस्तिष्क के ऊतकों का विकसित होना शुरू हो जाएगा। बच्चे हिचकी ले रहा है, इसका अहसास भी आपको होगा। अब उसके फेफड़ें परिपक्व हो रहे हैं और वे सांस लेने का अभ्यास कर रहे हैं।
गर्भावस्था के 27वें हप्ते में शरीर में परिवर्तन
27वें हफ्ते में शरीर को और अधिक उष्मांक सेवन की जरूरत होता है। इस दौरान 300 से 350 कैलोरी के साथ शुरूआत करना सुरक्षित रहता है। गर्भावस्था के 36वें या 37वें सप्ता0ह तक आपका अधिक वजन बढ़ेगा। गर्भावस्था के इस सप्ताह में कई महिलाओं को लगता है कि वे मोटी लग रही हैं जो उनके लिए सही नहीं है। ऐसे में आप को ध्यान रखना चाहिए कि मोटापे से बचने के लिए अपने आहार में बदलाव न करें क्योंकि इससे आप को बच्चे को कैलोरी उचित मात्रा में नहीं मिल पाएगा। मोटापे की स्थिति में चिंतित हो बल्कि अपने डॉक्टर से सला लें। जन्म के पूर्व विटामिन और पोषक तत्वों की खुराक लेना जारी रखे। इस सप्ताअह में गर्भाश्यल रिब पिंजरे पर झुकता है। गर्भाश्यव फेफड़ों को पूर्ण विस्तार करने से रोकता है, जिसके कारण सांस लेने की कुछ समस्याएं होंगी। डॉक्टडर से बात करे लेकिन आपको चिंता नहीं करनी चाहिए।
गर्भावस्था के इस तीसरी तिमाही में प्रवेश करने पर समय से पहले प्रसव की चेतावनी के संकेत के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। गर्मी के महीनों में हाइड्रेशन की कमी कारण ऐसा अधिक होता है। हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है, पानी की बोतल हर समय अपने साथ रखे। आपको ज्याादा बाथरूम में जाना पडता है, लेकिन आपको हाइड्रेटेड रहने के लिए यह करना हैं।
http://www.jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8चेतावनी के संकेतों में योनि क्षेत्र से चमकीला लाल रक्ते बहना है। यदि आपको योनि क्षेत्र से अचानक पानी निकलने का अनुभव होता है, तो  तुरंत डॉक्ट र से संपर्क करें। श्रोणि क्षेत्र में गंभीर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में बहुत ही सुस्त दर्द का अनुभव हो सकता है। कुछ महिलाओं को एक घंटे या उससे अधिक समय तक संकुचन महसूस होता है। यदि आपके हाथ और पैर फूलते हैं तो यह समय से पहले प्रसव का संकेत हो सकता है।
क्या उम्मीद की जाती है
गर्भावस्था के इस अवस्था में बच्चे की हलचल महसूस होने का मतलब है कि सब कुछ ठीक है। यह बात स्त्री सहज महसूस करती हैं। आपके पेट के क्षेत्र में वजन ढ़ने के कारण आपको बच्चे की लात महसूस नहीं हो सकती हैं। यदि आपको लगता है कि बच्चा थोड़ा सक्रिय है और आप पहले जैसा महसूस नहीं कर रही हैं, तो तुरंत डॉक्टहर से संपर्क करें और उचित सलाह लें।
यदि गर्भावस्था के इस सप्ताह में आपको कब्ज, पैरों में ऐंठन, अस्थिबंध दर्द और लगातार बाथरूम जैसी परेशानी हो तो डॉक्टैर की सलाह लें। वे आपके रक्तिचाप, वजन और मूत्र की लगातार जांच करते रहते हैं। तीसरी तिमाही में आपको उच्च रक्तंचाप या पूर्व एक्लंप्षण नामक हालत से सावधान रहना होगा। इस हालत का मूत्र परीक्षण के माध्यम से निर्धारण किया जा सकता है, ऐसा तब होता है जब मूत्र में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है।

सलाह
गर्भावस्था का यह चरण महत्वपूर्ण है। आपको शारीरिक और मानसिक दोनों स्थितियों से स्वस्थ रहना है। जन्म के पूर्व के विटामिन लेना और अपने आहार में फल और सब्जियों को जोड़ना जारी रखना है। यदि आपको लगता है कि कुछ ठीक नहीं है, तो डॉक्ट र से संपर्क करें या स्थानीय आपातकालीन कक्ष में जाएं।