Tuesday, 24 March 2015

दही और कबाब



कबाब के विभिन्न संस्करण आसानी से पाये जा सकते हैं और हर एक संस्करण दूसरे की तुलना में अलग है। इस नये स्वाद को सर्दियों में अनुभव करें और मौसम का मज़ा लें  ।
मुख्य सामग्री
http://www.jkhealthworld.com/main/health-tips4 ग्राम सफेद मिर्च पावडर,1 बड़ा चम्मच रिफाइन्ड तेल का, 4 ग्राम इलायची पावडर, 30 ग्राम काजू पिसा हुआ, 1 दही जिससे पूरी तरह पानी निखरा हो, 2 बड़ा प्याज़ बारीक कटा हुआ,10 ग्राम मक्के का आटा,100 ग्राम कम वसा वाला पनीर, स्वादानुसार नमक, 10 ग्राम धनिया की पत्तियां कटी हुई  ।
प्याज़ और अदरक को रिफाइन्ड तेल में डालें और तब तक भुनें जबतक कि यह थोड़ा भूरा ना हो जाये फिर बची हुई सभी सामग्री को इसमें डाल लें ।जब यह थोड़ा कड़ा हो जाये तो इसे सिक्के की तरह बना लें और आकार बड़ा रखें जिसे कि हम टिक्की कहते हैं । इनपर मक्के के आटे को डाल दें और इन्हें तेल में तलें और फिर इसे नीबू पानी और सलाद के साथ परोसें ।
न्यूट्री चेक
दही और खमीर से पाचन तंत्र ठीक रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है ।

खानपान की आदत पर भी असर डालता है आपका व्यक्तित्व

खानपान की आदत पर भी असर डालता है आपका व्यक्तित्व

व्यक्तित्व के अनुसार खान-पान रॉबर्ट कुशनर द्वारा बनाया गया है। वह पोषण और मोटापे से संबंधित एक जाने माने विशेषज्ञ है। इस वजन घटाने कार्यक्रम में आपके खाने की आदतो का आपके व्यक्तित्व और आपकी जीवन शैली पर क्या प्रभाव पङता है,पर विचार किया गया है। वजन घटाने के लिए एक प्रभावी योजना के रूप में डाइट कई विशेषज्ञों द्वारा मान्यता प्राप्त है और यहां तक की मायो क्लिनिक द्वारा भी स्वीकृत है।
कुछ विशेषज्ञों के अनुसार व्यक्तित्व के अनुसार खान-पान
व्यक्तित्व के अनुसार खान-पान किस तरह काम करता है?
व्यक्तित्व के अनुसार खानपान पर विचार विमर्श करता है कि हम सब अलग अलग और विशिष्ट प्रकार के व्यक्तित्व में आते या रखते हैं --- इसलिए हम सबकी अलग अलग धारणा है और व्यायाम करने और डाइटिंग करने के अपने अपने तरीके हैं। जैसे अपने  व्यक्तित्व के अनुसार आपका खानपान - एक "बिना सोचे समझे हर समय चपङ चपङ खाने वालो में" या एक "अवसर पङने पर भी थोङा खाने वालो में" से है।
डॉ. कुशनर के  ऑनलाइन प्रश्नावली से आपका अपने व्यक्तित्व के अनुसार आहार निर्धारण करने में सहायता कर सकती हैं। व्यक्तित्व के अनुसार खानपान के निर्धारण के बाद- वजन कम करने के लिए आपके व्यक्तिगत आहार का निर्धारण आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर विचार करने के बाद किया जाता है। यह आपकी खाने की आदतो और व्यवहार को बदलने में आपकी मदद करेगा। यदि आप चाहते है तो आप अपने वैयक्तिगत आहार के अपनाने में किसी संस्थान से जुङ कर मदद ले सकते है।
आहार खाद्य पदार्थों को तुरंत नहीं निकालते है, और यह एक कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का अच्छा संतुलन है। इसका उद्देश्य कम वजन को प्राप्त करना है उस समय स्वस्थ और पौष्टिक खाद्य पदार्थ को खाना और व्यायाम करना है। आहार फल, सब्जियां, अनाज, नट्स, बीज, सूखे सेम, मसूर, चिकन, लीन मीट और सोया जैसे पूरे खाद्य पदार्थ खाने को अपने आहार में शामिल प्रोत्साहित करती है। खान पान का सेम्पल मेनू और व्यंजनों को सेम्पल भी आपके खानपान की योजना के साथ दिया जाता है। सेम्पल मेनू में तीन तरह के भोजन और दो तरह के नाश्ते जो आपको लगभग 1,365 कैलोरी प्रदान करना भी  शामिल है।
http://www.jkhealthworld.com/main/health-tipsव्यक्तित्व के अनुसार खान-पानः पक्ष
  • इस आहार का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह जानता है कि हम सब अलग अलग व्यक्तित्व के हैं और वहाँ हर व्यक्ति एक मास्टर प्लान के अनुरूप नही हो सकता। क्योंकि हम सभी अलग अलग व्यक्तित्व के है – यह व्यक्तित्व दृष्टिकोण वजन घटाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है।
  • खान पान में एक और अच्छी बात यह है कि यह हमारे खानपान से खाद्य पदार्थों को अलग नहीं करता है बल्कि एक पौष्टिकता से भरे खाने की आदतों को विकसित करने और अपने स्वयं के पोषण के लिए एक पौष्टिक आहार खाने पर बल देता है।
  • योजना के रूप में व्यायाम के साथ कैलोरी और वसा को एक सीमा के साथ खाने में लेने पर जोर दिया है, फलतः यह वजन घटाने में प्रभावी होता है। अपने लक्षित वजन को प्राप्त करने के बाद उसे बनाए रखने के लिए आप इस योजना का पालन करेंगे।
  • खान-पान की योजना  कई पोषण विशेषज्ञों और मायो क्लिनिक द्वारा भी प्रशंसित हैयदि आप किसी ऐसे नेटवर्क से जुङ सके जो वजन कम करने पर बल देते हो व्यक्तित्व के अनुसार खान-पान आपको अपने ही जैसे डाइटिंग करने वाले लोगो से मिलने और आपको वजन को कम करने के लिए प्रेरित करने में मदद कर सकते है।
व्यक्तित्व के अनुसार खान-पानः विपक्ष
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आहार के शायद ही कोई खराबी या नकारात्मक तत्व हो। जो लोग संस्था या बातचीत करने के लिए और अपने भोजन के संतुलन के लिए तैयार नहीं हैं, या जो अपने खान पान और जीवन शैली को बदलने के लिए कौशिश करने के लिए तैयार नही है। इसके जरिये(व्यक्तित्व के अनुसार खानपान) उन लोगो से वजन की समस्या का समाधान हो सकता है।
व्यक्तित्व के अनुसार खान-पान के प्रकारः लघु और दीर्घकालीन प्रभाव
यदि आप अपने दीर्घकालिक  अरचनात्मक और नकारात्मक खाने की आदतों और व्यवहार को बदलने के लिए प्रयास करने को तैयार हैं तो खान-पान आपके लिए पूरक नही है। हमारी खाने की आदतों और व्यवहार बदलने के लिए खान-पान की योजना से हमारे पतले और स्वस्थ बने रहने की उम्मीद रहती है।

केवल आहार का एक प्रकार का नहीं है बल्कि एक एकीकृत, व्यक्तिगत सिस्टम या अवधारणा है जो कि आपको अतिरिक्त वजन से छुटकारा पाने और आपके लक्षित वजन(कम वजन) को प्राप्त करने के बाद उसे बनाए रखने के मददगार होता है।

चुकंदर जो बनाए रखे आप को हमेशा जवां

जवाँ दिखने के लिए खायें चुकंदर


चुकंदर का जूस सेहत के लिए सबसे फायदेमंद होता है। एक तथ्य यह भी है कि चुकंदर के सेवन से त्वचा में निखार आता है, शरीर में हिमोग्लोबीन का निर्माण होता है और रक्त साफ होता है। आप सलाद या सब्ज़ी में चुकंदर का प्रयोग कर सकते हैं या इसका रस भी ले सकते हैं।
अधिक उम्र के लोगों के लिए:
उम्र के साथ ऊर्जा व शक्ति कम होने लगती है, चुकंदर का सेवन अधिक उम्र वालों में भी ऊर्जा का संचार करता है। अधिक उम्र के लोगों में व्यायाम के दौरान अधिक आक्सीजन की आवश्यकता होती है।  ऐसे मे व्यायाम से पूर्व चुकंदर का रस लें।
त्वचा की समस्या:
चुकंदर को उबाल कर उस पानी को मुहांसों पर, त्वचा पर हुए संक्रमण पर लगाने से त्वचा की समस्या से छुटकारा मिलता है। चुकंदर में सिरका मिलाकर मीजल्सर जैसे बुखार में भी लगाया जा सकता है।
डैंड्रफ:
बालों में डैंड्रफ होने पर भी चुकंदर को पानी में उबाल कर, इस पानी में सिरका मिलाकर लगाने से फायदा होता है।
एनीमिया:
चुकंदर का रस मानव शरीर में हिमोग्लो बीन बनाता है। इसमें बहुत अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो रेड ब्लंड सेल्सी का निर्माण करता है और शरीर में ताज़ा आक्सीअजन का संचार करता है। एनीमिया जैसी बीमारी में चुकंदर बहुसत लाभदायी है।
पाचन क्रिया के लिए:
जांडिस, हेपेटाइटिस, डायरिया जैसी समस्या  में चुकंदर के रस को नीबू के रस में मिला कर लिया जा सकता है।
दिल की बीमारियों का इलाज:
चुकंदर के रस में नाइट्रेट नामक रसायन होता है, जो रक्त के दबाव को  कम कर देता है। इससे दिल की बीमारी अथवा दौरे का जोखिम कम होता है। चुकंदर का जूस व्यायाम के दौरान रक्तचाप स्थिर रखता है।
थकान मिटानी हो या शरीर में नयी ऊर्जा का संचार करना हो, चुकंदर का सेवन करें।

Monday, 23 March 2015

मूली के 20 लाभ जो आपके सेहत को बनाए स्वस्थ

आपकी सेहत को ये 20 लाभ पहुंचाती है मूली

1. पेट के लिए मूली बहुत लाभदायक होती है। पेट की कई बीमारियों में मूली का रस बहुत फायदेमंद होता है। अगर पेट में भारीपन महसूस हो रहा हो तो मूली के रस को नमक में मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
2. पेशाब होने में दिक्कत हो तो मूली के रस का सेवन कीजिए। अगर अगर पेशाब आना बंद हो जाए या पेशाब में जलन हो तो मूली का रस बहुत फायदेमंद होता है। 
3. मूली खाने से लिवर मजबूत होता है। लीवर व स्लीहोतान (प्लीहा) के मरीजों को अपने दैनिक भोजन में मूली का जमकर सेवन करना चाहिए। 
4. गले की सूजन में मूली का पानी, सेंधा नमक को मिलाकर इसे गरम करें और फिर इससे गरारा कीजिए। इससे गले की सूजन कम होगी और फायदा होगा। 
5. मूली का रस दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मूली के रस से गला भी साफ होता है। 
6. मूली को घी भूनकर खाने से पित्तफ और कफ में फायदा होता है। 
7. मूली को हल्दी के साथ खाने से बवासीर में फायदा होता है। बवासीर के मरीजों को हर रोज मूली का सेवन करना चाहिए।
8. मूली दांतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मूली खाने से दांत मजबूत होते हैं। 
9. मूली में कैल्शियम पाया जाता है, इसलिए यह हड्डियों को भी मजबूत करता है। 
10. मूली के रस को अनार के रस में मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन बढता है। 
11. दमा और खांसी के मरीजों को मूली का सेवन करना चाहिए। खांसी आने पर सूखी मूली, काला नमक व जीरा मिलाकर बने काढे को पीने से फायदा होता है। 
12. मूली स्वयं हजम नहीं होती, लेकिन अन्य भोज्य पदार्थों को पचा देती है। भोजन के बाद यदि गुड़ की 10 ग्राम मात्रा का सेवन किया जाए तो मूली हजम हो जाती है।
13. मूली के रस में थोड़ा नमक और नीबू का रस मिलाकर नियमित रूप में पीने से मोटापा कम होता है और शरीर सुडौल बन जाता है।
14. सुबह-सुबह मूली के नरम पत्तों पर सेंधा नमक लगाकर खाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है। 
15. थकान मिटाने और अच्छी नींद लाने में भी मूली काफी फायदेमंद होती है। 
16. पेट के की़ड़ों को नष्ट करने में भी कच्ची मूली फायदेमंद साबित होती है। 
17. हाई ब्लड प्रेशर को शांत करने में मूली मदद करती है।
18. पेट संबंधी रोगों में यदि मूली के रस में अदरक का रस और नीबू मिलाकर नियम से पियें तो भूख बढ़ती है।
19. माना जाता है कि मूली खांसी बढ़ाती है। लेकिन यह गलत है। सूखी मूली का काढ़ा बनाकर जीरे और नमक के साथ उसका सेवन किया जाये, तो न केवल खांसी बल्कि दमे के रोग में भी लाभ होता है। 
20. त्वचा के रोगों में यदि मूली के पत्तों और बीजों को एक साथ पीसकर लेप कर दिया जाये, तो यह रोग खत्म हो जाते हैं। 
मूली हमारे पेट के हाजमें के लिए बड़ा ही उपयोगी होती है। मूली एक पाचक की तरह काम करती है। अगर आप खाने के साथ मूली का प्रयोग हर रोज करते हैं तो आपका पेट साफ रहेगा। 

एटलकिंस डायट प्लान से करें वजन कम

एटलकिंस डायट प्लान से करें वजन कम

वजन कम करने के लिए एटकिंस डाइट प्लान बहुत कारगर है जिसका लाभ कई भारतीय मशहूर हस्तियों ने भी उठाया।  यह लो-कार्बोहाइड्रेट और उच्च प्रोटीन वाली डाइट है। इसके अनुसार खाद्य पदार्थो को उपचार के लिए बताई गई दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है-जिसमें खाद्य पदार्थों का सही तालमेल दवाओं की तरह गुणकारी होता है। 
इस डाइट प्लाजन के तहत व्यक्ति अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को कम कर देता है और धीरे-धीरे इसे बढ़ाता है। इसके तहत असीमित मात्रा में फल व सब्जियों का सेवन भी शामिल है। यह डाइट वसा कम करने का सबसे उत्त म माध्यम है। इस आहार योजना में तीन तरह के भोजन और दो स्नैक्स होते हैं। स्नैक्स का सेवन दोपहर बाद और देर शाम रखा गया है। आइए हम आपको इस डाइट प्लाोन के बारे में विस्ताार से बताते हैं। 
एटकिंस डायट प्लाटन के जरिये वजन धीरे-धीरे कम होता है, इसलिए अन्यम विशेषज्ञ भी इस डायट प्लायन को शरीर के लिए फायदेमंद मानते हैं। इस आहार योजना में डायट प्लािन को कई हिस्से् में बांटा गया है। इसमें व्या याम पर ज्याोदा जोर नहीं दिया गया है। लेकिन इसके साथ कुछ पाबंदियां भी हैं, जिसका पालन करना अनिवार्य है। 
चरण 1  
इसके पहले चरण में आमतौर पर दो सप्ताकह के लिए होता है। एक से दो सप्ताह आपको 12 से 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट प्रतिदिन लेना होता है। इस दौरान आपको चिकन, रेड मीट, अंडे, पनीर, मछली, तेल, मसाले और जड़ी-बूटियों का सेवन नहीं करना है। इसके अलावा यदि आपने यह डाइट प्ला न शुरू किया है तो एल्कोजहल बिलकुल भी नहीं लेना है। सुबह के नाश्तेप में आप केले का सेवन कर सकते हैं, यदि आपको अंडा बहुत पसंद हो तो खा सकते हैं वो भी केवल सुबह के नाश्तेन में। दोपहर के भोजन में भूने हुए चिकन के साथ एक प्ले ट सलाद खाइए। रात के खाने में उबला या भूना हुआ चिकन के साथ हरी सब्जियों का सेवन कीजिए, नींबू के रस के साथ सलाद भी खा सकते हैं। इसके अलावा आप दिन में दो बार स्नैजक्सक भी ले सकते हैं। 
चरण 2 
एटकिंस डाइट प्ला न में आप अपनी नियमित कार्बाइाड्रेट की मात्रा को बढ़ाकर 25 ग्राम प्रतिदिन कर सकते हैं। इस आहार योजना परिणाम इसके दो सप्ताबह में दिखने लगता है। इसके दूसरे चरण में यानी दो सप्तायह बाद नाश्तेप में दो अंडों के साथ हरी सब्जियों और ताजे फलों का सेवन कर सकते हैं। दोपहर के खाने में पनीर, गोभी या बेकन के साथ सलाद, कटा हुआ अंडा या भुना हुआ तुर्की बर्गर खा सकते हैं। रात के खाने में मांस के साथ सब्जीा ले सकते हैं, इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, स्नैेक्सब में कद्दू के बीज, फल और पनीर के टुकड़े खा सकते हैं। 
चरण 3 
इसके तीसरे चरण में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को दोबारा लेना शुरू करना होता है जो आपके आहार में पहले से शामिल था। इस दौरान आपका वजन कम होता है तब भी आप अपने डाइट में प्रत्येलक सप्तााह 10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट शामिल कीजिए। एटकिंस डाइट प्लापन के तीसरे चरण में आप नाश्तेय में शुगर मुक्ता सीरप के साथ पतली रोटी खा सकते हैं। दोपहर के खाने में टूना मछली के साथ चिकन भी खा सकते हैं, इसके अलावा सूप, सलाद और फल भी दोपहर के खाने में शामिल कीजिए। रात के खाने में मछली, साबुत गेंहूं वाला पास्तार या ब्राउन राइस खाइए। तीसरे चरण में स्नैखक्स  में सूखे मेवे, फल, उबले अंडे खा सकते हैं। 
चरण 4 
इसके चौथे चरण यानी अंतिम चरण का पालन जीवनभर करना होता है, इसलिए इस चरण को लाइफटाइम मैंटेनेंस कहते हैं। इस चरण तक आप यह निर्धारित कर लेते हैं कि आपको कौन सा आहार सबसे ज्यासदा पसंद आया। इसके प्रत्ये क आहार में 10 से 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, इसलिए आप अपने आहार को आसानी से चुन सकते हैं। इस चरण में ब्रेकफास्ट , लंच और डिनर में आप अपने हिसाब से आहार शामिल कर सकते हैं। अंडा, मांस, पनीर और पास्ता0 एक निश्चित मात्रा में खाने के कारण आपका वजन दोबारा बढ नहीं सकता है।